Wednesday, September 9, 2015

Why I Want My Kids To Fail...................!!!




I don’t want my kids to win every basketball, football or soccer game.

I want them to occasionally play against kids who are much bigger than them in an unfair match-up.

I want the referee to get it wrong with them sometimes.

I don’t want them to get 100% for every spelling or maths test.

I don’t want them to master every piano piece on the first attempt.

I want them to know that it’s not the end of the world if they fall off the balance beam during competition.

I want them to occasionally scrape their knees and bruise their shins.

I want them to learn how to take risks and be slightly embarrassed when things don’t go to plan.

I want my kids to fail sometimes.

I want them to build their resilience.

I want them to learn how to persist during difficult times.

I want them to know that life is full of challenges and these challenges can be overcome.

Of course I want my kids to be happy.   In my completely unbiased opinion, they are the best kids in the world and I want nothing but the best for them.

But the best for our kids isn’t an armchair ride.  It’s equipping them with the strength required to make it in the big, wide world when they are older.

YES !!! I want my kids to grow in this way only so that they can be winners of tomorrow ! for a new world to face any challenge of life !

- Vijay

[ with post support from Darren ]

The Death

 
.....eventually one day we all are going to die . later or sooner. young or old. so what is your Plan B [ Plan A is decided by GOD ] Plan B is something you can think of giving your Life a meaningful exit from this planet ! सोचिये तो सही..... एक ऐसा अंत...... जो सिर्फ कुछ लोगो तक ही सिमट कर रह जाए या फिर एक ऐसी आज़ादी जो आपके रूह की खुशबु को दुनिया तक पहुंचा दे ! Exit gate  से बड़े आराम से निकलना है दोस्त.. न खुद को  तकलीफ दे और न ही दुसरो को........!!!
....सो its high-time that you give your life a meaning .. दुनिया की rat-race में कुछ नहीं रखा है यारो.... मस्त रहो... उस परमात्मा  का  शुक्रिया अदा  करो.. लोगो को जितनी खुशिया दे सकते  हो दो.... और फिर एक दिन इस दुनिया को अलविदा कह दो....!!!
.....death is certain and fixed , we can only try to give it colour of life before the final departure !

so ...the mantra is love ,live and give !!!

all yours !!
vijay

Friday, August 21, 2015

यूँ ही ...

यूँ ही ...
ज़िन्दगी भर कुछ साए साथ साथ ही चलते है
और उन्ही सायो की याद में ये ख़ाक ज़िन्दगी;
.......कभी कभी गुलज़ार भी होती है !!!
सोचता हूँ अक्सर यूँ ही रातो को उठकर ...
अगर अम्मा न होती ,
अगर पिताजी न होते .
अगर तुम न होती ..
अगर वो दोस्त न होता ...
...चंद तकलीफ देने वाले रिश्तेदार न होते ...
...चंद प्यार करने वाले दुनियादार न होते ..
तो फिर जीना ही क्या होता !
यूँ ही ज़िन्दगी के पागलपन में लिखे गए अलफ़ाज़ भी न होते !
copyright © विजय कुमार

Sunday, August 16, 2015

अम्मा

......मैंने पहले बोलना सीखा ...अम्मा... !

फिर लिखना सीखा.... क ख ग a b c 1 2 3 ...
फिर शब्द बुने !
फिर भाव भरे !

.... मैं अब कविता गुनता हूँ  , कहानी गड़ता हूँ ..
जिन्हें दुनिया पढ़ती है ..खो जाती है .. रोती है ... मुस्कराती है ...हंसती है ..चिल्लाती है ...
.....मुझे इनाम ,सम्मान , पुरस्कार से अनुग्रहित करती है ...!

.....और मैं किसी अँधेरे कोने में बैठकर,
....खुदा के सजदे में झुककर ,
धीमे से बोलता हूँ ...अम्मा !!!

विजय

Saturday, October 4, 2014

FB POST SEPT 5

दोस्तों , 
एक और खुशखबरी !

पिछले दिनों मुझे ओशो की भूमि गाडरवारा में ओम साहित्य सम्मान से नवाज़ा गया. ये सम्मान स्व. ओमप्रकाश सोनी की याद में दिया जाता है . इसे चेतना साहित्यिक मंच के द्वारा दिया गया. मैं इसके लिए चेतना मंच , श्री Vijay Besharmऔर श्रीसतीश तिवारी सरस तथा अन्य गणमान्य साहित्यिक गुरुजनों को धन्यवाद देता हूँ , जो वहां उपस्तिथ थे और जिन्होंने मेरी कृति “ एक थी माया “ – कहानी संग्रह को इस सम्मान से नवाज़ा. उन सभी का और आप सभी का धन्यवाद.

मेरे लिए ये दोहरी ख़ुशी का मौका है . एक तो साहित्यिक सम्मान और दूजा ओशो की भूमि पर ये सम्मान !

बहुत कम लोग जानते है कि मैं पिछले २५ सालो से ओशो से जुड़ा हुआ हूँ और मैने ओशो neo-sanyas से संन्यास लिया हुआ है , मेरा संन्यास का नाम स्वामी प्रेम विजय है . और गाडरवाडा ओशो की जन्मस्थली है . गाडरवाडा के पास एक गाँव है कुचवाडा ; जहाँ ओशो ने जन्म लिया और उनकी शुरू की शिक्षा गाडरवाडा में हुई. वही उन्होंने मृत्यु को समझा वहीँ से उनके भीतर का ट्रांसफॉर्मेशन शुरू हुआ . कुछ लोग ओशो के प्रवचनों में हिंदी साहित्य को नहीं देख पाए है . पर मेरे लिए वो मेरे ९ गुरुओ में से एक तो है ही और एक अच्छे साहित्यकार भी है . तो ओशो के भूमि पर ही साहित्य का सम्मान पाना मेरे लिए बहुत बड़ी ख़ुशी है . ओशो और मेरे रिश्ते की दो कड़ियां छुट गयी थी , ये उनमे से एक है .और मुझे इस बात की बहुत ख़ुशी है .

और हां जो मेरे अध्यात्मिक रूप से मिलना चाहते है वो उनका स्वागत है , मैं फेसबुक पर एक online spiritual commune संचालित करता हूँ , आप उससे जुड़े . [https://www.facebook.com/groups/vijaysappatti/ ] इस बारे में फिर कभी बात करूँगा . अभी तो बधाईयाँ खड़काना है आप सभी को !

शुक्रिया आप सभी का भी , जो मुझे पढ़ते रहते है . मेरा उत्साह बढाते है .
अब इसके पहले कि मैं और भावुक हो जाऊं , आप लोग बधाईयाँ खडकाना शुरू करो ....
अरे चलो शुरू हो जाओ दोस्तों ....बधाईयाँ खडकाओं !

आपका अपना
विजय



FB POST - 4

दोस्तों , कभी कभी कुछ बाते ऐसी हो जाती है कि लगता है ,सबसे बड़ा पुरस्कार मिल गया .
पिछले दिनों मैंने BSF के लिए "आत्महत्या " नाटक लिखा था . उसे पढने के बाद मुझे कई फ़ोन आये और कई कलाकारों ने उसे प्ले /मंचन करने के लिए मुझसे अनुमति मांगी . जो मैंने सहर्ष दे दी.
फिर एक दिन एक फ़ोन आया . भोपाल के चिंगारी ट्रस्ट से ! उन्होंने कहा कि मैं उनके लिए एक नाटक लिखू ,जो कि भोपाल गैस ट्रेजिडी पर हो . फिर उन्होंने कहा कि उस पर उनके ट्रस्ट के विकलांग बच्चे जो कि भोपाल गैस काण्ड के पीडीत है ,काम करेंगे . सुनकर मन भीग गया . मैंने तुरत हां कह दी . अब मैं उस पर काम कर रहा हूँ . वो नाटक बन जाए तो भोपाल का ये ट्रस्ट उस पर अपने ट्रस्ट के विकलांग बच्चो से प्ले करायेंगे . और उसकी फिल्म भी बनेंगी ,जिसे वो अपने डोनर्स /दानकर्ताओ से शेयर करेंगे और उनके ट्रस्ट को सहायता मिलेंगी.
अगर मेरे लेखन से इन बच्चो का भला हो जाए , इससे बड़ा अवार्ड और क्या होंगा .
भगवान इनका भला करे और मुझे लिखने का हौसला दे !
आपका अपना
विजय

FB POST -SEPT 3

चुटकुला नंबर :: 52



किसान का लड़का गूगल सर्च पर लिखता है :
हाउ टू इम्प्रेस ए गर्ल , इफ वीक इन इंग्लिश ???
गूगल सर्च का जवाब आता है :
अरे बावले सुधर जा , जाकर खेती कर , तेरे खेत बिक जायेंगे इनके चक्कर में !!
      

FB POST SEPT 2

This is so true with me .... i read more than 8000 books in my life so far and still counting ...   





FB SEPT 1

my photographic romance : self portrait 
location : gaadarwada rice/sugarcane fields 
© photography by vijay kumar


FB POST OCT -2

जन्मदिन की शुभकामनाये बापू !
आप न होते तो देश का तो पता नहीं क्या होता , पर मैं भी बहुत कुछ सीखने से चूक जाता .बहुत कुछ तो मैंने आपसे भी सीखा है . शुक्रिया बापू !


FB POST - OCT

दोस्तों
एक और खुशखबरी !
बीते दिनों , स्वर्गविभा अंतरजाल पत्रिका द्वारा आयोजित शिष्टाचार विषय पर आयोजित आलेख प्रतियोगिता में मुझे प्रथम पुरस्कार मिला है .
स्वर्गविभा की संस्थापिका डॉ० श्रीमती तारा सिंह है जो स्वंय एक प्रवीण साहित्यकार है और ये पत्रिका डॉ.सिंह और श्री राजीव जी के साथ संचालन करती है .
Swarg Vibha मेरे लिए हमेशा ही महत्वपूर्ण पत्रिका रही है. मेरी कई कविताएं और कहानिया उसमे प्रकाशित हुई है .
बचपन में आलेख या निबंध लिखा करता था . ब्लोगींग में आने के बाद से कुछ आलेख लिखे जरुर है.
शिष्टाचार पर आलेख लिखना मेरे लिए एक बहुत अच्छी कार्यशाला साबित हुई . मैं तो एक शिष्टाचारी व्यक्ति हूँ , लेकिन समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा क्या लिखू कि जिससे मैं बच्चो को शिक्षा दे सकू . क्योंकि बहुत सी बाते थी जो व्यक्ति को शिष्टाचारी बनाती है. लेकिन जब उन्हें लिखने को कहा जाए तो शब्द कम पढ़ जाते है .मैंने इस के लिए कुछ किताबे और इन्टरनेट की दुनिया छानी. इस मामले में युगनिर्माण योजना वालो से अच्छी जानकारी मिली. और इस तरह से एक अच्छा आलेख तैयार हुआ है . बहुत जल्दी ये आलेख मैं अपने ब्लॉग पर लगाउंगा, आप लोग इसे जरुर पढ़े !
मुझे इस पुरस्कार से बहुत ख़ुशी हुई है . सम्मान तो सभी को प्रिय होता है और अगर आप लोग भी शिष्टाचार को अपनाते हुए मेरे लिए बधाईयाँ खडकाओं तो मुझे और भी ख़ुशी होंगी .
तो मेरे प्यारे और अजीज दोस्तों शुरू हो जाओ . बधाईयाँ देने का मौसम आया है !!!
बधाईयाँ खडकाओं  
आपका अपना
विजय


Friday, September 19, 2014

facebook post - 19.9.14

My Painting :

Title : Nirvana by Buddha
Material : Oil pastels on canvas board
Year : 2012
technique : free hand
size : 21' x 15'
 


facebook post - 19.9.14

आजकल विजय बाबा धीरे धीरे क्षेत्रीय साहित्य अकादेमी की पत्रिकाओ में छपने लगे है . पहले कर्नाटक साहित्य अकादमी , अब हरियाणा साहित्य अकादमी .... सिलसिला यूँ ही जारी रहे तो वो दिन दूर नहीं कि मरने के पहले विजय बाबा को साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ अवार्ड मिल ही जाए ..... का कहते हो Mahfooz Ali और Shayak Alok ..भाया ::P    वैसे ये एक wishful thinking है विजय बाबा उर्फ़ मुंगेरीलाल के हसीन सपने   

Wednesday, September 17, 2014

facebook post - 18.9.14 कृष्णं वन्दे जगतगुरु !!!

पिछले ३० सालो से एक बन्दे को समझने की कोशिश कर रहा हूँ .पर लगता है कि इस जन्म में उसे समझ नहीं पाऊंगा ! वो है कृष्ण !!!

कभी वो गोकुल का नटखट बालक है तो कभी वो महाभारत का निर्मम war moderator !
कभी वो राधा का निश्चल प्रेमी है तो कभी वो एक चालबाज राजनीतिक !
कभी वो मित्रो का मित्र है तो कभी वो दुश्मनों का दुश्मन !
कभी वो मानव है तो कभी भगवान !

वो अपने आप में एक रहस्यदर्शी है . उसे समझना असंभव है !!!

पर हाँ ,जब मैं उसका भक्त बनकर उसकी शरण में जाता हूँ तो सारे द्वार खुल जाते है और फिर कुछ भी समझने को बाकी नहीं रहता ! वो मेरे और मैं उनका !!!

कृष्णं वन्दे जगतगुरु !!!

कृष्ण का ये स्केच विजय बाबा ने बनाया है : एक भक्त की अपने प्रभु को भेंट !!





facebook post - 15.9.14

My Dear Friends , 

Let me tell you that , it is only your silence which will bring you closer to GOD !
Learn the art of accepting more , learning more , listening more. 

In return : GOD will listen to your silence prayers ! 

Please follow the doctrine of silence. Nothing more is more audible than this !
GOD bless you !
Pranaam

Much Love, Light, Hugs, Prayers and Blessings !
Always yours
Vijay


facebook post - 15.9.14

दोस्तों , 
एक और खुशखबरी ! 

पिछले दिनों मुझे गायकी के लिए मोहम्मद रफ़ी नेशनल सिंगिंग अवार्ड [ Mohd. Rafi National Award for Excellence in Singing -2014 ] मिला है ! 

बहुत कम दोस्त जानते है की लिखने पढने से पहले मैं गाना ही गाता था .In fact मेरी पहली पहचान ही मेरी आवाज़ है . स्कूल और कॉलेज में गाते गाते ....अब हर जगह गाते ही रहता हूँ . बस गाने याद नहीं रहते अक्सर मैं अपने दोस्तों को [ Ashok Gupta , Sakhi Singh ,Mayur Sharma , Dev Bhardwaj , Vijay Tiwari , Bavaal Hindvee , और भी कई दोस्त है ] फ़ोन करके अपनी आवाज़ में गाने सुनाता हूँ . ये दोस्त मेरी आवाज़ को सहन करने के अलावा तारीफ भी करते है !

वैसे इस दुनिया में मेरी आवाज की सबसे पहली प्रशंशक मेरी मां ही थी .

मैं आप लोगो को अपनी आवाज़ में गाया एक गाना सुनाता हूँ . उसका लिंक नीचे दिया है. मैं गायकी में कुछ नया करना चाहता था . इस गाने में वो एक्सपेरिमेंट किया है . ओरिजनली ये गाना बहुत फ़ास्ट ट्रैक पर है . लेकिन मैंने इसके track tempo को slow down किया . गाने में vocal / voice modulations and variations लाया , रिदम को बदला . voice को cave इको इफ़ेक्ट दिया ...गाने में भरपूर मेलोडी और सकून है ! मैं इसी तरह से कुछ सिलेक्टेड गानों को अपने अंदाज़ में गाकर एक अल्बम बनाना चाहता था , पर उसके लिए अब पैसे नहीं है . खैर कोई नहीं जी ....... कभी न कभी वो भी सपना सच हो जायेंगा .

खैर जी .अब इसके पहले कि मैं और इमोशनल हो जाऊं , आप लोग तो बस बधाईयाँ खडकाना शुरू करो ....और जानदार विजय की शानदार आवाज की तारीफ भी करना , ठीक है दोस्तों

आपका अपना
विजय

https://www.youtube.com/watch?v=wy9MefMo4RQ

facebook post - 16.9.14

दोस्तों , कभी कभी कुछ बाते ऐसी हो जाती है कि लगता है ,सबसे बड़ा पुरस्कार मिल गया .

पिछले दिनों मैंने BSF के लिए "आत्महत्या " नाटक लिखा था . उसे पढने के बाद मुझे कई फ़ोन आये और कई कलाकारों ने उसे प्ले /मंचन करने के लिए मुझसे अनुमति मांगी . जो मैंने सहर्ष दे दी.

फिर एक दिन एक फ़ोन आया . भोपाल के चिंगारी ट्रस्ट से ! उन्होंने कहा कि मैं उनके लिए एक नाटक लिखू ,जो कि भोपाल गैस ट्रेजिडी पर हो . फिर उन्होंने कहा कि उस पर उनके ट्रस्ट के विकलांग बच्चे जो कि भोपाल गैस काण्ड के पीडीत है ,काम करेंगे . सुनकर मन भीग गया . मैंने तुरत हां कह दी . अब मैं उस पर काम कर रहा हूँ . वो नाटक बन जाए तो भोपाल का ये ट्रस्ट उस पर अपने ट्रस्ट के विकलांग बच्चो से प्ले करायेंगे . और उसकी फिल्म भी बनेंगी ,जिसे वो अपने डोनर्स /दानकर्ताओ से शेयर करेंगे और उनके ट्रस्ट को सहायता मिलेंगी.

अगर मेरे लेखन से इन बच्चो का भला हो जाए , इससे बड़ा अवार्ड और क्या होंगा .

भगवान इनका भला करे और मुझे लिखने का हौसला दे !
आपका अपना
विजय

facebook post - 17.9.14

YES ! YES !! YES !!!


facebook post -17.9.14

My Dear Souls,
Namaste !
Today I would like you to pay attention towards the hunger and hungry people of this world. Before I pledge you to support the hunger, I would like to present some facts to you:
1. Everyday more than 20000 children dies because of hunger
2. More than 925 million people go undernourished on a daily basis
3. More than 13.1 percent of the world’s population is hungry
4. Each year, 17 million children are born underweight because their mothers are malnourished.
5. Nearly 98 percent of worldwide hunger exists in underdeveloped countries
6. Poverty is the main cause of hunger, and hunger is a cause of poverty
7. Women in hunger are so deficient of basic nutrients (like iron) that more than 315,000 women die during childbirth from hemorrhaging every year.
8. The world produces enough food to feed all 7 billion people who live in it, but those who go hungry either do not have land to grow food or money to purchase it.
9. It costs just US $0.25 per day to provide a child with all of the vitamins and nutrients he or she needs to grow up healthy.
10. Hunger can be eliminated in our lifetimes
While we all know these facts, we hardly do anything or contribute for the unprivileged and unfortunate brothers and sisters of ours!!!
Let’s give our life a meaning. Let’s give a cause to live for.
Please help others who are hungry. There is no better human drive than food donation. Please take a pledge to donate on regular basis and make it a habit to give food and money directly to the needy than through any agency. This humble act of yours will bring you more closer to GOD and gives you the pleasure of humanity which will last for a lifetime!
Run a food drive. GO
GOD bless you!
Much Love, Light, Hugs, Prayers, Blessings
Always yours
Vijay Sappatti



facebook post 17.9.14

अनुत्तरित प्रश्न - ३ 

दोस्तों , आधी दुनिया की चिंता ये है कि क्या खाए - क्योंकि उनके पास बहुत पैसा है और उनके पास खाने की choices भी बहुत है . और ठीक उसी समय या फिर at any point of given time , बाकी की बची हुई आधी दुनिया की भी यही चिंता है कि क्या खाए - क्योंकि उनके पास खाने के लिए कम से कम खाना भी नहीं है , पैसे नहीं है ,इसलिए खाने की कोई choices भी नहीं है .
ये आदिकाल से चला आ रहा एक यक्ष प्रश्न है. आईये संकल्प करे कि जो कुछ भी हमसे हो सके - हम इस दुनिया में भूख को मिटाने में अपना योगदान करे. 

दोस्तों कम से कम एक मुट्ठी खाना भी अगर किसी को खिला सको तो समझो जी लिया . अन्नदान करिए , इससे बेहतर ख़ुशी का रास्ता कोई और नहीं है !

आपका अपना 
विजय